

बेटे के कुआं पूजन की तैयारी में जुटा था ताम्रध्वज, खुशियों के बीच मच गया मातम
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649
कामां – डीग जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बेटे के कुआं पूजन की तैयारियों में जुटे कॉन्स्टेबल ताम्रध्वज मीणा की अचानक मौत ने पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। जिस घर में दो दिन बाद भागवत कथा की ध्वनि गूंजनी थी, वहां अब सिर्फ रुलाई और सन्नाटा पसरा है। 40 वर्षीय कॉन्स्टेबल ताम्रध्वज मीणा डीग पुलिस लाइन में तैनात थे। शुक्रवार को वे अपने रिश्तेदारों और साथियों को बेटे के कुआं पूजन और भागवत कथा का निमंत्रण देने घर से निकले थे। परिवार को क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। सुबह 10 बजे घर से निकले ताम्रध्वज ने शाम को फोन पर बताया था कि वे बेढम गांव में हैं और जल्द घर लौट आएंगे। लेकिन रात बीत गई, और वह घर नहीं पहुंचे। शनिवार सुबह भानपुर मोड़ के पास एक कुएं में ग्रामीणों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने शव की पहचान कॉन्स्टेबल ताम्रध्वज के रूप में की। जैसे ही यह खबर उनके घर पहुंची, कोहराम मच गया। मां-बाप, पत्नी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चार बहनों के इकलौते भाई और दो छोटे बच्चों के पिता ताम्रध्वज की मौत ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। 8 साल का बेटा दिव्यांश और महज 8 महीने की बेटी अब कभी अपने पिता की गोद में नहीं बैठ पाएंगे। पिता राम अवतार मीणा ने बताया कि 27 अक्टूबर से घर में भागवत कथा शुरू होने वाली थी और 3 नवंबर को बेटे का कुआं पूजन था। ताम्रध्वज पिछले कई दिनों से इन तैयारियों में लगा था। लेकिन खुशियों से पहले ही मौत ने दरवाजे पर दस्तक दे दी। पुलिस को ताम्रध्वज की जेब से बाइक की चाबी मिली है, लेकिन बाइक मौके से गायब है। पुलिस बाइक की तलाश कर रही है। एएसपी अखलेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे और एफएसएल टीम को बुलवाकर साक्ष्य जुटवाए। आसपास के इलाके में पूछताछ जारी है। डीग पुलिस लाइन में भी सहकर्मी गमगीन हैं। जिसने कानून व्यवस्था की रक्षा में अपना जीवन लगाया, उसी का जीवन इस तरह रहस्यमय ढंग से खत्म हो गया। जिस घर में रविवार को शंखनाद और भजन की गूंज होनी थी, वहां अब सिर्फ ताम्रध्वज की यादें हैं और उन पर आंसू बहाते उनके अपने।